मायावी मायानगरी

मशहूर मॉडल विवेका बाबाजी ने शुक्रवार को बांद्रा स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। 1993 में मिस मॉरीशस का ताज पहने के बाद विवेका ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया। फैशन जगत में नाम कमाने के साथ ही विवेका ने ऐड वर्ल्ड और बॉलीवुड में भी काम किया। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने फिर साबित कर दिया कि फैशन की दुनिया पर्दे पर कुछ और पर्दे के पीछे कुछ और है।
मुंबई के खार इलाके के अपार्टमेंट में रहने वाली विवेका बाबाजी की सूचना उसके पड़ोसियों ने पुलिस को दी। जिसके बाद उसके कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो भीतर विवेका की लाश पंखे पर झूल रही थी। प्रारंभिक जांच में मौत की यही तस्वीर नजर आ रही है कि विवेका अपनी जिंदगी से आजीज आ चुकी थी। मुंबई के पश्चिमी क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता के मुताबिक विवेका अपने बॉयफ्रेंड से संबंध टूटने की वजह से तनाव में थी। ये भी पता चला है कि विवेका ने फांसी लगाने से ठीक पहले अपनी मां से फोन पर बात की थी। विवेका की दोस्त एना सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि विवेका को मोहब्बत में धोखा मिला और इसी वजह से उसने मौत को गले लगा लिया। ग्लैमर और फैशन की दुनिया का एक बड़ा नाम... यूं खुद के अंधेरों में गुम हो जाएगा किसी ने सोचा नहीं था।
मौत और मिस्ट्री से मायानगरी का पुराना नाता रहा है। ग्लैमर की रोशनी इससे पहले भी कई जिंदगियों को अंधेरा कर चुकी है। महज 19 साल में बुलंदी को हासिल करने वाली दिव्या भारती की मौत आज भी सस्पेंश बनी हुई है। स्टारडम और बुलदिंयों को छूने वाली परवीन बॉबी का आखिरी वक्त काफी गुमनामी भरा रहा। परवीन की मौत भी संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई। फिल्म निर्माताओं और सिनेमा के छात्रों की प्रेरणा गुरुदत्त के जीवन की आखिरी रात भी नाटकीय दृश्य की ही तरह बीती थी। 10 अक्टूबर 1964 की हुई उनकी मौत इस चकाचौंध दुनिया के दूसरे पहलू को उजागर करती है। ग्लेमर्स अभिनेत्री सिल्क स्मिता,प्रिया राजवंश नफीसा जोसेफ, कुलजीत रंधावा, कुणाल सिंह जैसे कई नाम को रंगीन रोशनी की स्याह पराछाई लील चुकी है।
ग्लैमर की दुनिया की ये हकीकत महज बॉलीवुड तक नहीं सिमटी है। मौत और मिस्ट्री का ये राज दुनिया भर में फैला है। पॉप सिंगर माइकल जैक्सन हों या सुपर स्टार मर्लिन मुनरो, गायक एल्विस प्रेस्ले हों या बीटल के जॉन लैनन, इन सभी की मौतों पर पड़ा रहस्य का परदा आज भी पूरी तरह उठ नहीं पाया है।
ग्लैमर की दुनिया में नाम कमाने की ख्वाहिश लोगों को यहां तक खींच लाती है। लेकिन इस चकाचौंध दुनिया का दूसरा पहलू भी है।
ग्लैमर की इस दुनिया में नाम-गिरामी मॉडल से लेकर छोटे कलाकार तक हर कोई शोषण का शिकार है। कोमल और छरहरी काया का जादू बिखरने वाले मॉडल यहां आकर कई बार कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो उनकी जिंदगी को भटकाव की राह पर ले जाता है। नेम और फेम की चाहत में लोग यहां जिस्म का सौदा करने से भी गुरेज नहीं करते। दौलत और शोहरत की खातिर कई बार ये बुलंदियों के फरेब का शिकार बन जाते हैं तो कई बार ग्लैमर का झूठ शोहरत की हकीकत पर भारी पड़ता है। और फिर यही ग्लैमर, स्टारडम और रौनक घुटन का सबब बन जाती है। ग्लैमर की दुनिया में मुस्कराते चेहरों के पीछे छुपी कड़वी हकीकत इनकी जिंदगी की एक अलग दास्तां बयां करती है।

फैशन की गर्दिश


मधुर भंडारकर की एक फिल्म आई थी...फैशन...शायद आपको इसकी कहानी याद होगी....इस फिल्म में फैशन जगत से संबंधित खामियों को बखूबी दर्शाया किया गया है....फिल्म में एक मॉडल के करियर की बुलंदियों से लेकर उसके जमीन पर आ गिरने तक की कहानी दिखाई गई है...एक सफल मॉडल के त्रासदी की कहानी...जिसने सबको झकझोर कर रख दिया....
वास्तव में फैशन जगत जितना चकाचौध भरा दिखता है उतना है नहीं...यहां दिखता कुछ और है और वास्तिवकता कुछ और होती है...चेहरे पर सुर्ख मुस्कान लिए मॉडल रैंप पर अदाओं का जलवा तो बिखेरती है...उन्हें देखकर आप कतई अंदाजा नहीं लगा सकते कि उनकी जिंदगी में भी कोई परेशानी होगी..लेकिन ये सच है...उनकी जिंदगी में भी उतार चढ़ाव आते हैं...उन्हें भी कई बार परेशानियों से गुजरना पड़ता है...यहां कुछ मॉडल सफलता की नई इबारत लिखती हैं तो कुछ गुमनामी के अंधेरे में खो जाती हैं...


ताजा मामला है भारत की मशहूर मॉडल विवेका बाबाजी का...चर्चित मॉडल विवेका बाबाजी ने मुंबई के पॉश इलाके बांद्रा में खुदकुशी कर ली। विवेका की लाश उनके घर में रस्सी से लटकी मिली। 37 साल की विवेका बाबाजी मॉरीशस की रहनेवाली थी और मुंबई के बांद्रा इलाके में पिछले 10 साल से रह रही थी।  लाश के पास एक डायरी, एक लैपटॉप और नींद की गोलियां मिली....वहीं विवेका के किचन में गैस का रिसाव हो रहा था...शुरुआती जांच में पुलिस को ये खुदकुशी का मामला लगा। विवेका की मौत की जांच के लिए तीन टीमें बनाई गई है। दो टीम मुंबई पुलिस की है जबकि क्राइम ब्रांच की भी एक टीम मामले की जांच में जुटी है। खैर ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा कि ये मामला खुदकुशी का है या फिर हत्या का....

लेकिन कुछ साल पहले आपको याद होगा एक सुपर मॉडल सड़क के किनारे नशे की हालत में मिली थी...उसे उसकी नशे की आदतों ने सड़क पर पहुंचा दिया....
 इसके कुछ साल बाद मशहूर मॉडल और एमटीवी वीजे नफीसा जोसेफ की आत्महत्या की खबर आई...उन्होनें गौतम खांडुजा के साथ विवाह किया था...मृत्यु से पहले वे काफी निजी परेशानियों का सामना कर रही थी....नफीसा फैशन जगत में ही नहीं टीवी जगत में भी जाना पहचाना नाम बनती जा रही थी..लेकिन इन सुपर मॉडलों की मौत ने फैशन की चकाचौंध का घिनौना चेहरा सामने ला दिया....

वहीं ब्रिटेन में भी ऐसे ही कुछ मामले सामने आए  हैं... प्रख्यात मॉडल हेले क्रुक को हैम्पशायर स्थित उनके अभिभावकों के घर में मृत पाया गया। क्रुक के पुरुष मित्र को 17 जून को मॉडल के बिस्तर पर उसका शव मिला। मौत की वजह अब तक पता नहीं लगाई जा सकी है। पूर्वोत्तर हैम्पशायर के जांच अधिकारी एंड्रयू ब्राडली उनकी मौत के कारणों की जांच कर रहे हैं। तेईस वर्षीय क्रुक लंदन स्टूडियो सेंटर से स्नातक थीं।

मियामी में भी मशहूर पत्रिका ‘प्लेबॉय’ की पूर्व मॉडल एवं एक अरबपति की विधवा एना निकोल स्मिथ की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी...39 वर्षीया स्मिथ फ्लोरिडा के एक होटल में ठहरी थीं। एक निजी नर्स ने अस्पताल से चिकित्सीय सहायता के लिए संपर्क किया और स्मिथ को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि अबतक उनकी मौत के कारण का पता नहीं चल सका है।

अब सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसे मामले लगातार सामने क्यों आ रहे हैं... सुपर मॉडल बनने के लिए कुछ नहीं बहुत कुछ कर गुजरने की चाह रखने वाली टॉप और बोल्ड मॉडलों को क्या हो जाता है कि वो खुद को इतना कमजोर महसूस करने लगती हैं...और ऐसे कदम उठा लेती हैं...?

दरअसल सुपर मॉडल बनने की चाह में ये मॉडल अपना घर परिवार, शहर, दोस्त और प्यार सब छोड़ देती है... और जब उन्हें ठोकर लगती है तो वो पाती है कि उसके हाथ में कुछ नहीं बचा है...जिंदगी से समझौता करने के बाद लड़कियां अपने सुपर मॉडल बनने का सपना पूरा करने में इतनी बिजी हो जाती है कि उन्हें अपनी असली दुनिया नजर ही नहीं आती और ऊपर जाने की धुन में वो नीचे गिरती चली जाती है... इनमें से गिनी चुनी मॉडलें ही बुलंदियों पर कुछ समय के लिए टिक पाती हैं...या बॉलीवुड में हाथ आजमाती हैं...लेकिन इनमें से ज्यादातर लड़कियों को वापस लौटना पड़ता है....ये दुनिया कभी किसी की नहीं हुई...यहां चमकनेवाला सितारा  कम समय के लिए ही बुलंदियों पर टिक पाता है....और जब वो औंधे मुह गिरता है तो उसे जिंदगी की हकीकत नजर आती है....आई ऍम बेस्ट के भ्रम मैं रहने वाली सुपर मॉडल  चंद लम्हों में जमीन पर आ जाती है...फैशन की दुनिया का घिनोना चेहरा तब सामने आता है जब एक मॉडल खुद को असहाय महसूस करने लगती हैं..चकाचौध की दुनिया से वो सीधे आंधकारमय जीवन की ओर मुखातिब हो जाती है...

यहीं से शुरू होती है उसकी त्रासदी की कहानी...अब वो खुद को असुरक्षित मसहूस करने लगती हैं....उनसे कम उम्र की मॉडल उसकी जगह लेने लगती है....इस जगत में लड़कियों का करियर काफी कम समय के लिए  ठहरता है...लेकिन इस बात को वो अपने जेहन में नहीं उतार पातीं....घर परिवार से अलग दुनिया...शादी में इसलिए देरी क्योंकि इस फील्ड को शादी के बाद करियर का पड़व समझा जाता है....ऐसे में एक सफल मॉडल भला क्या करे....शादी का समय निकलता चला जाता है...परिवार से भी ज्यादा लगाव नहीं रह जाता....ऐसे में उनका इकलौता करियर भी उन्हें टिमटिमाता नजर आता है....जो धीरे-धीरे उन्हें खोखला करती चली जाती है...चेहरे पर हमेशा खुशियों का मुखौटा ओढ़नेवाली मॉडल खुद को असहाय महसूस करने लगती हैं...उसकी  हर रोज शान से जीने की अपनी आदत उसपर भारी पड़ने लगती है... और गुमनामी का डर उसे सताने लगता है..इस वक्त वो उम्र के ऐसे पड़ाव पर आ जाती हैं...जब उनके लिए शादी का वक्त निकलता नजर आता है ...और करियर बदलने का कोई दूसरा रास्ता भी नहीं रह जाता..

वाह रे कानून...


पिछले दिनों नेट पर एक खबर पढ़ी तो मन कह उठा वाह रे कानून...सबसे पहले आपको खबर बता दूं, इटली में 27 वर्षीय हंगरियन प्लेबॉय मॉडल ब्रिगिटा बुल्गारी ने एक क्लब में एक शॉ के दौरान 15 साल से कम उम्र के बच्चों को अपने ब्रेस्ट छूने दे दिए...मामले की शिकायत हो गई और इटली की कोर्ट ने शो का वीडियो देखने के बाद ब्रिगिटा को हिरासत में भेजने के आदेश दे दिए...अब वो रिमांड पर जेल में है..और अगर आरोप सही पाए गए तो ब्रिगिटा को 12 साल की सजा हो सकती है...जी हां 12 साल की सजा....
पिछले दिनों हमारे देश में भी एक एतिहासिक फैसला आया....15,274 मौत(सरकारी आंकड़ा) के जिम्मेदार आरोपियों की सजा 2 साल और वो भी 25 साल बाद...उसमें भी त्रासदी के सबसे बड़े गुनहगार का जिक्र तक नही...फैसले के बाद पीड़ितों में ग़ुस्सा है...और ग़ुस्सा लाज़मी भी है...इस बीच 1984 का एक वीडियो भी आ गया...ये वीडियो ब्रिगिटा के शॉ के वीडियो से ज्यादा शर्मनाक है... उधर सियासत में बयानों की बाढ़ आ गई है..केंद्र राज्य पर तो राज्य केंद्र पर आरोप मढ़ रहा है...मंत्री, नेता सब बोल रहे हैं...कानून मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस पर केस को कमजोर करने का आरोप लगा दिया...तो जज साहब ने सीबीआई पर ठीकरा फोड़ दिया...एक ही पार्टी के नेता अपनी-अपनी डफली बजा रहे हैं...इस बीच अचानक नए-नए लोग टीवी चैनल्स पर रोज़-रोज़ अवतार ले रहे हैं...कभी विमान के पायलट, कभी यात्री तो कभी पोस्टमॉर्टम करने वाले अधिकारी...सभी बोल रहे हैं पूरी इमानदारी से पूरी निष्ठा से 'हमें तो बस आदेश मिला था'...ये अब तक कहां थे नही मालूम...ये अब क्यों अवतरित हुए हैं ये भी नहीं पता...लेकिन इस हादसे पर आए फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं...लेकिन जिसे बोलना हैं वो शांत हैं, जिसे जवाब देना है वो ख़ामोश है...ये ख़ामोशी भोपाल पर हुए विश्वासघात पर गहराते ग़ुस्से को और भड़का रहा है...कहीं ये गुस्सा आंदोलन बन जाए..और आंदोलन ज़रूरी भी है।

देश के कानून व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन की दरकार है...और ये भी तय है कि परिवर्तन भ्रष्ट और संवेदनहीन हो चुके इन नेताओं के बूते नहीं हो पाएगा...यानि यहां तो सब ऐसे ही चलते रहेगा... और हम ब्रिगिटा जैसी खबरों को पढ़कर अपने देश के कानून पर अफसोस करते रहेंगें...अफसोस